एक वंदन - शब्द सुमन

आप न होते
तो हमारे वजूद के नामोनिशाँ न होते ।
एक भारत - श्रेष्ठ भारत का ख्वाव
अधूरा ही रह जाता ।
वो आपकी मेहरबानी है की हम
निज़ाम को आदाब नहीं
'भारत माँ की जय' के नारे लगते है ।

भारत का सरताज अटूट बनाये रखा जिन्होंने
सरदार के नाम से जानता है जहां उन्हें।
शत नमन आपको हे महापुरुष,
की हम सांस लेते है 'एक भारत' में
चरणों में वंदन हे युगपुरुष,
अखंड भारत आपका चिरऋणी है ।

- निधि शास्त्रि



Image credits:. The all-knowing, ever-helping Google

Comments